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SHRI DURGA SAPTSHATI

श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्

DURGA ASHTOTTARA SHATANAAM (Page 2)

Verse 9 विमलोत्कर्षिणी ज्ञाना क्रिया नित्या च बुद्धिदा।

बहुला बहुलप्रेमा सर्ववाहनवाहना ॥9॥
1 - ॐ सती, 2 - साध्वी, 3 - भवप्रीता (भगवान् शिवपर प्रीति रखनेवाली), 4 - भवानी, 5 - भवमोचनी (संसारबन्धन से मुक्त करनेवाली), 6 - आर्या, 7 - दुर्गा, 8 - जया, 9 - आद्या, 10 - त्रिनेत्रा, 11 - शूलधारिणी, 12 - पिनाकधारिणी, 13 - चित्रा, 14 - चण्डघण्टा (प्रचण्ड स्वरसे घण्टानाद करनेवाली), 15 - महातपाः (भारी तपस्या करनेवाली), 16 - मनः (मनन - शक्ति), 17 - बुद्धिः (बोधशक्ति), 18 - अहंकारा (अहंताका आश्रय), 19 - चित्तरूपा, 20 - चिता, 21 - चितिः (चेतना), 22 - सर्वमन्त्रमयी, 23 - सत्ता (सत्-स्वरूपा), 24 - सत्यानन्दस्वरूपिणी, 25 - अनन्ता (जिनके स्वरूपका कहीं अन्त नहीं), 26 - भाविनी (सबको उत्पन्न करनेवाली), 27 - भाव्या (भावना एवं ध्यान करने योग्य), 28 - भव्या (कल्याणरूपा), 29 - अभव्या (जिससे बढ़कर भव्य कहीं है नहीं), 30 - सदागति, 31 - शाम्भवी (शिवप्रिया), 32 - देवमाता, 33 - चिन्ता, 34 - रत्नप्रिया, 35 - सर्वविद्या, 36 - दक्षकन्या, 37 - दक्षयज्ञविनाशिनी, 38 - अपर्णा (तपस्याके समय पत्तेको भी न खानेवाली), 39 - अनेकवर्णा (अनेक रंगोंवाली), 40 - पाटला (लाल रंगवाली), 41 - पाटलावती (गुलाबके फूल या लाल फूल धारण करनेवाली), 42 - पट्टाम्बरपरीधाना (रेशमी वस्त्र पहननेवाली), 43 - कलमञ्जीररञ्जिनी (मधुर ध्वनि करनेवाले मञ्जीरको धारण करके प्रसन्न रहनेवाली), 44 - अमेयविक्रमा (असीम पराक्रमवाली), 45 - क्रूरा (दैत्योंके प्रति कठोर), 46 - सुन्दरी, 47 - सुरसुन्दरी, 48 - वनदुर्गा, 49 - मातङ्गी, 50 - मतङ्गमुनिपूजिता, 51 - ब्राह्मी, 52 - माहेश्वरी, 53 - ऐन्द्री, 54 - कौमारी, 55 - वैष्णवी, 56 - चामुण्डा, 57 - वाराही, 58 - लक्ष्मी, 59 - पुरुषाकृति, 60 - विमला, 61 - उत्कर्षिणी, 62 - ज्ञाना, 63 - क्रिया, 64 - नित्या, 65 - बुद्धिदा, 66 - बहुला, 67 - बहुलप्रेमा, 68 - सर्ववाहनवाहना, 69 - निशुम्भशुम्भहननी, 70 - महिषासुरमर्दिनी, 71 - मधुकैटभहन्त्री, 72 - चण्डमुण्डविनाशिनी, 73 - सर्वासुरविनाशा, 74 - सर्वदानवघातिनी, 75 - सर्वशास्त्रमयी, 77 - सत्या, 76 - सर्वास्त्रधारिणी, 79 - अनेकशस्त्रहस्ता, 78 - अनेकास्त्रधारिणी, 80 - कुमारी, 81 - एककन्या, 82 - कैशोरी, 83 - युवती, 84 - यति, 85 - अप्रौढा, 86 - प्रौढा, 87 - वृद्धमाता, 88 - बलप्रदा, 89 - महोदरी, 90 - मुक्तकेशी, 91 - घोररूपा, 92 - महाबला, 93 - अग्निज्वाला, 94 - रौद्रमुखी, 95 - कालरात्रि, 96 - तपस्विनी, 97 - नारायणी, 98 - भद्रकाली, 99 - विष्णुमाया, 100 - जलोदरी, 101 - शिवदूती, 102 - कराली, 103 - अनन्ता (विनाशरहिता), 104 - परमेश्वरी, 105 - कात्यायनी, 106 - सावित्री, 107 - प्रत्यक्षा, 108 - ब्रह्मवादिनी
Verse 10 निशुम्भशुम्भहननी महिषासुरमर्दिनी।

मधुकैटभहन्त्री च चण्डमुण्डविनाशिनी ॥10॥
1 - ॐ सती, 2 - साध्वी, 3 - भवप्रीता (भगवान् शिवपर प्रीति रखनेवाली), 4 - भवानी, 5 - भवमोचनी (संसारबन्धन से मुक्त करनेवाली), 6 - आर्या, 7 - दुर्गा, 8 - जया, 9 - आद्या, 10 - त्रिनेत्रा, 11 - शूलधारिणी, 12 - पिनाकधारिणी, 13 - चित्रा, 14 - चण्डघण्टा (प्रचण्ड स्वरसे घण्टानाद करनेवाली), 15 - महातपाः (भारी तपस्या करनेवाली), 16 - मनः (मनन - शक्ति), 17 - बुद्धिः (बोधशक्ति), 18 - अहंकारा (अहंताका आश्रय), 19 - चित्तरूपा, 20 - चिता, 21 - चितिः (चेतना), 22 - सर्वमन्त्रमयी, 23 - सत्ता (सत्-स्वरूपा), 24 - सत्यानन्दस्वरूपिणी, 25 - अनन्ता (जिनके स्वरूपका कहीं अन्त नहीं), 26 - भाविनी (सबको उत्पन्न करनेवाली), 27 - भाव्या (भावना एवं ध्यान करने योग्य), 28 - भव्या (कल्याणरूपा), 29 - अभव्या (जिससे बढ़कर भव्य कहीं है नहीं), 30 - सदागति, 31 - शाम्भवी (शिवप्रिया), 32 - देवमाता, 33 - चिन्ता, 34 - रत्नप्रिया, 35 - सर्वविद्या, 36 - दक्षकन्या, 37 - दक्षयज्ञविनाशिनी, 38 - अपर्णा (तपस्याके समय पत्तेको भी न खानेवाली), 39 - अनेकवर्णा (अनेक रंगोंवाली), 40 - पाटला (लाल रंगवाली), 41 - पाटलावती (गुलाबके फूल या लाल फूल धारण करनेवाली), 42 - पट्टाम्बरपरीधाना (रेशमी वस्त्र पहननेवाली), 43 - कलमञ्जीररञ्जिनी (मधुर ध्वनि करनेवाले मञ्जीरको धारण करके प्रसन्न रहनेवाली), 44 - अमेयविक्रमा (असीम पराक्रमवाली), 45 - क्रूरा (दैत्योंके प्रति कठोर), 46 - सुन्दरी, 47 - सुरसुन्दरी, 48 - वनदुर्गा, 49 - मातङ्गी, 50 - मतङ्गमुनिपूजिता, 51 - ब्राह्मी, 52 - माहेश्वरी, 53 - ऐन्द्री, 54 - कौमारी, 55 - वैष्णवी, 56 - चामुण्डा, 57 - वाराही, 58 - लक्ष्मी, 59 - पुरुषाकृति, 60 - विमला, 61 - उत्कर्षिणी, 62 - ज्ञाना, 63 - क्रिया, 64 - नित्या, 65 - बुद्धिदा, 66 - बहुला, 67 - बहुलप्रेमा, 68 - सर्ववाहनवाहना, 69 - निशुम्भशुम्भहननी, 70 - महिषासुरमर्दिनी, 71 - मधुकैटभहन्त्री, 72 - चण्डमुण्डविनाशिनी, 73 - सर्वासुरविनाशा, 74 - सर्वदानवघातिनी, 75 - सर्वशास्त्रमयी, 77 - सत्या, 76 - सर्वास्त्रधारिणी, 79 - अनेकशस्त्रहस्ता, 78 - अनेकास्त्रधारिणी, 80 - कुमारी, 81 - एककन्या, 82 - कैशोरी, 83 - युवती, 84 - यति, 85 - अप्रौढा, 86 - प्रौढा, 87 - वृद्धमाता, 88 - बलप्रदा, 89 - महोदरी, 90 - मुक्तकेशी, 91 - घोररूपा, 92 - महाबला, 93 - अग्निज्वाला, 94 - रौद्रमुखी, 95 - कालरात्रि, 96 - तपस्विनी, 97 - नारायणी, 98 - भद्रकाली, 99 - विष्णुमाया, 100 - जलोदरी, 101 - शिवदूती, 102 - कराली, 103 - अनन्ता (विनाशरहिता), 104 - परमेश्वरी, 105 - कात्यायनी, 106 - सावित्री, 107 - प्रत्यक्षा, 108 - ब्रह्मवादिनी
Verse 11 सर्वासुरविनाशा च सर्वदानवघातिनी।

सर्वशास्त्रमयी सत्या सर्वास्त्रधारिणी तथा ॥11॥
1 - ॐ सती, 2 - साध्वी, 3 - भवप्रीता (भगवान् शिवपर प्रीति रखनेवाली), 4 - भवानी, 5 - भवमोचनी (संसारबन्धन से मुक्त करनेवाली), 6 - आर्या, 7 - दुर्गा, 8 - जया, 9 - आद्या, 10 - त्रिनेत्रा, 11 - शूलधारिणी, 12 - पिनाकधारिणी, 13 - चित्रा, 14 - चण्डघण्टा (प्रचण्ड स्वरसे घण्टानाद करनेवाली), 15 - महातपाः (भारी तपस्या करनेवाली), 16 - मनः (मनन - शक्ति), 17 - बुद्धिः (बोधशक्ति), 18 - अहंकारा (अहंताका आश्रय), 19 - चित्तरूपा, 20 - चिता, 21 - चितिः (चेतना), 22 - सर्वमन्त्रमयी, 23 - सत्ता (सत्-स्वरूपा), 24 - सत्यानन्दस्वरूपिणी, 25 - अनन्ता (जिनके स्वरूपका कहीं अन्त नहीं), 26 - भाविनी (सबको उत्पन्न करनेवाली), 27 - भाव्या (भावना एवं ध्यान करने योग्य), 28 - भव्या (कल्याणरूपा), 29 - अभव्या (जिससे बढ़कर भव्य कहीं है नहीं), 30 - सदागति, 31 - शाम्भवी (शिवप्रिया), 32 - देवमाता, 33 - चिन्ता, 34 - रत्नप्रिया, 35 - सर्वविद्या, 36 - दक्षकन्या, 37 - दक्षयज्ञविनाशिनी, 38 - अपर्णा (तपस्याके समय पत्तेको भी न खानेवाली), 39 - अनेकवर्णा (अनेक रंगोंवाली), 40 - पाटला (लाल रंगवाली), 41 - पाटलावती (गुलाबके फूल या लाल फूल धारण करनेवाली), 42 - पट्टाम्बरपरीधाना (रेशमी वस्त्र पहननेवाली), 43 - कलमञ्जीररञ्जिनी (मधुर ध्वनि करनेवाले मञ्जीरको धारण करके प्रसन्न रहनेवाली), 44 - अमेयविक्रमा (असीम पराक्रमवाली), 45 - क्रूरा (दैत्योंके प्रति कठोर), 46 - सुन्दरी, 47 - सुरसुन्दरी, 48 - वनदुर्गा, 49 - मातङ्गी, 50 - मतङ्गमुनिपूजिता, 51 - ब्राह्मी, 52 - माहेश्वरी, 53 - ऐन्द्री, 54 - कौमारी, 55 - वैष्णवी, 56 - चामुण्डा, 57 - वाराही, 58 - लक्ष्मी, 59 - पुरुषाकृति, 60 - विमला, 61 - उत्कर्षिणी, 62 - ज्ञाना, 63 - क्रिया, 64 - नित्या, 65 - बुद्धिदा, 66 - बहुला, 67 - बहुलप्रेमा, 68 - सर्ववाहनवाहना, 69 - निशुम्भशुम्भहननी, 70 - महिषासुरमर्दिनी, 71 - मधुकैटभहन्त्री, 72 - चण्डमुण्डविनाशिनी, 73 - सर्वासुरविनाशा, 74 - सर्वदानवघातिनी, 75 - सर्वशास्त्रमयी, 77 - सत्या, 76 - सर्वास्त्रधारिणी, 79 - अनेकशस्त्रहस्ता, 78 - अनेकास्त्रधारिणी, 80 - कुमारी, 81 - एककन्या, 82 - कैशोरी, 83 - युवती, 84 - यति, 85 - अप्रौढा, 86 - प्रौढा, 87 - वृद्धमाता, 88 - बलप्रदा, 89 - महोदरी, 90 - मुक्तकेशी, 91 - घोररूपा, 92 - महाबला, 93 - अग्निज्वाला, 94 - रौद्रमुखी, 95 - कालरात्रि, 96 - तपस्विनी, 97 - नारायणी, 98 - भद्रकाली, 99 - विष्णुमाया, 100 - जलोदरी, 101 - शिवदूती, 102 - कराली, 103 - अनन्ता (विनाशरहिता), 104 - परमेश्वरी, 105 - कात्यायनी, 106 - सावित्री, 107 - प्रत्यक्षा, 108 - ब्रह्मवादिनी
Verse 12 अनेकशस्त्रहस्ता च अनेकास्त्रस्य धारिणी।

कुमारी चैककन्या च कैशोरी युवती यतिः ॥12॥
1 - ॐ सती, 2 - साध्वी, 3 - भवप्रीता (भगवान् शिवपर प्रीति रखनेवाली), 4 - भवानी, 5 - भवमोचनी (संसारबन्धन से मुक्त करनेवाली), 6 - आर्या, 7 - दुर्गा, 8 - जया, 9 - आद्या, 10 - त्रिनेत्रा, 11 - शूलधारिणी, 12 - पिनाकधारिणी, 13 - चित्रा, 14 - चण्डघण्टा (प्रचण्ड स्वरसे घण्टानाद करनेवाली), 15 - महातपाः (भारी तपस्या करनेवाली), 16 - मनः (मनन - शक्ति), 17 - बुद्धिः (बोधशक्ति), 18 - अहंकारा (अहंताका आश्रय), 19 - चित्तरूपा, 20 - चिता, 21 - चितिः (चेतना), 22 - सर्वमन्त्रमयी, 23 - सत्ता (सत्-स्वरूपा), 24 - सत्यानन्दस्वरूपिणी, 25 - अनन्ता (जिनके स्वरूपका कहीं अन्त नहीं), 26 - भाविनी (सबको उत्पन्न करनेवाली), 27 - भाव्या (भावना एवं ध्यान करने योग्य), 28 - भव्या (कल्याणरूपा), 29 - अभव्या (जिससे बढ़कर भव्य कहीं है नहीं), 30 - सदागति, 31 - शाम्भवी (शिवप्रिया), 32 - देवमाता, 33 - चिन्ता, 34 - रत्नप्रिया, 35 - सर्वविद्या, 36 - दक्षकन्या, 37 - दक्षयज्ञविनाशिनी, 38 - अपर्णा (तपस्याके समय पत्तेको भी न खानेवाली), 39 - अनेकवर्णा (अनेक रंगोंवाली), 40 - पाटला (लाल रंगवाली), 41 - पाटलावती (गुलाबके फूल या लाल फूल धारण करनेवाली), 42 - पट्टाम्बरपरीधाना (रेशमी वस्त्र पहननेवाली), 43 - कलमञ्जीररञ्जिनी (मधुर ध्वनि करनेवाले मञ्जीरको धारण करके प्रसन्न रहनेवाली), 44 - अमेयविक्रमा (असीम पराक्रमवाली), 45 - क्रूरा (दैत्योंके प्रति कठोर), 46 - सुन्दरी, 47 - सुरसुन्दरी, 48 - वनदुर्गा, 49 - मातङ्गी, 50 - मतङ्गमुनिपूजिता, 51 - ब्राह्मी, 52 - माहेश्वरी, 53 - ऐन्द्री, 54 - कौमारी, 55 - वैष्णवी, 56 - चामुण्डा, 57 - वाराही, 58 - लक्ष्मी, 59 - पुरुषाकृति, 60 - विमला, 61 - उत्कर्षिणी, 62 - ज्ञाना, 63 - क्रिया, 64 - नित्या, 65 - बुद्धिदा, 66 - बहुला, 67 - बहुलप्रेमा, 68 - सर्ववाहनवाहना, 69 - निशुम्भशुम्भहननी, 70 - महिषासुरमर्दिनी, 71 - मधुकैटभहन्त्री, 72 - चण्डमुण्डविनाशिनी, 73 - सर्वासुरविनाशा, 74 - सर्वदानवघातिनी, 75 - सर्वशास्त्रमयी, 77 - सत्या, 76 - सर्वास्त्रधारिणी, 79 - अनेकशस्त्रहस्ता, 78 - अनेकास्त्रधारिणी, 80 - कुमारी, 81 - एककन्या, 82 - कैशोरी, 83 - युवती, 84 - यति, 85 - अप्रौढा, 86 - प्रौढा, 87 - वृद्धमाता, 88 - बलप्रदा, 89 - महोदरी, 90 - मुक्तकेशी, 91 - घोररूपा, 92 - महाबला, 93 - अग्निज्वाला, 94 - रौद्रमुखी, 95 - कालरात्रि, 96 - तपस्विनी, 97 - नारायणी, 98 - भद्रकाली, 99 - विष्णुमाया, 100 - जलोदरी, 101 - शिवदूती, 102 - कराली, 103 - अनन्ता (विनाशरहिता), 104 - परमेश्वरी, 105 - कात्यायनी, 106 - सावित्री, 107 - प्रत्यक्षा, 108 - ब्रह्मवादिनी
Verse 13 अप्रौढा चैव प्रौढा च वृद्धमाता बलप्रदा।

महोदरी मुक्तकेशी घोररूपा महाबला ॥13॥
1 - ॐ सती, 2 - साध्वी, 3 - भवप्रीता (भगवान् शिवपर प्रीति रखनेवाली), 4 - भवानी, 5 - भवमोचनी (संसारबन्धन से मुक्त करनेवाली), 6 - आर्या, 7 - दुर्गा, 8 - जया, 9 - आद्या, 10 - त्रिनेत्रा, 11 - शूलधारिणी, 12 - पिनाकधारिणी, 13 - चित्रा, 14 - चण्डघण्टा (प्रचण्ड स्वरसे घण्टानाद करनेवाली), 15 - महातपाः (भारी तपस्या करनेवाली), 16 - मनः (मनन - शक्ति), 17 - बुद्धिः (बोधशक्ति), 18 - अहंकारा (अहंताका आश्रय), 19 - चित्तरूपा, 20 - चिता, 21 - चितिः (चेतना), 22 - सर्वमन्त्रमयी, 23 - सत्ता (सत्-स्वरूपा), 24 - सत्यानन्दस्वरूपिणी, 25 - अनन्ता (जिनके स्वरूपका कहीं अन्त नहीं), 26 - भाविनी (सबको उत्पन्न करनेवाली), 27 - भाव्या (भावना एवं ध्यान करने योग्य), 28 - भव्या (कल्याणरूपा), 29 - अभव्या (जिससे बढ़कर भव्य कहीं है नहीं), 30 - सदागति, 31 - शाम्भवी (शिवप्रिया), 32 - देवमाता, 33 - चिन्ता, 34 - रत्नप्रिया, 35 - सर्वविद्या, 36 - दक्षकन्या, 37 - दक्षयज्ञविनाशिनी, 38 - अपर्णा (तपस्याके समय पत्तेको भी न खानेवाली), 39 - अनेकवर्णा (अनेक रंगोंवाली), 40 - पाटला (लाल रंगवाली), 41 - पाटलावती (गुलाबके फूल या लाल फूल धारण करनेवाली), 42 - पट्टाम्बरपरीधाना (रेशमी वस्त्र पहननेवाली), 43 - कलमञ्जीररञ्जिनी (मधुर ध्वनि करनेवाले मञ्जीरको धारण करके प्रसन्न रहनेवाली), 44 - अमेयविक्रमा (असीम पराक्रमवाली), 45 - क्रूरा (दैत्योंके प्रति कठोर), 46 - सुन्दरी, 47 - सुरसुन्दरी, 48 - वनदुर्गा, 49 - मातङ्गी, 50 - मतङ्गमुनिपूजिता, 51 - ब्राह्मी, 52 - माहेश्वरी, 53 - ऐन्द्री, 54 - कौमारी, 55 - वैष्णवी, 56 - चामुण्डा, 57 - वाराही, 58 - लक्ष्मी, 59 - पुरुषाकृति, 60 - विमला, 61 - उत्कर्षिणी, 62 - ज्ञाना, 63 - क्रिया, 64 - नित्या, 65 - बुद्धिदा, 66 - बहुला, 67 - बहुलप्रेमा, 68 - सर्ववाहनवाहना, 69 - निशुम्भशुम्भहननी, 70 - महिषासुरमर्दिनी, 71 - मधुकैटभहन्त्री, 72 - चण्डमुण्डविनाशिनी, 73 - सर्वासुरविनाशा, 74 - सर्वदानवघातिनी, 75 - सर्वशास्त्रमयी, 77 - सत्या, 76 - सर्वास्त्रधारिणी, 79 - अनेकशस्त्रहस्ता, 78 - अनेकास्त्रधारिणी, 80 - कुमारी, 81 - एककन्या, 82 - कैशोरी, 83 - युवती, 84 - यति, 85 - अप्रौढा, 86 - प्रौढा, 87 - वृद्धमाता, 88 - बलप्रदा, 89 - महोदरी, 90 - मुक्तकेशी, 91 - घोररूपा, 92 - महाबला, 93 - अग्निज्वाला, 94 - रौद्रमुखी, 95 - कालरात्रि, 96 - तपस्विनी, 97 - नारायणी, 98 - भद्रकाली, 99 - विष्णुमाया, 100 - जलोदरी, 101 - शिवदूती, 102 - कराली, 103 - अनन्ता (विनाशरहिता), 104 - परमेश्वरी, 105 - कात्यायनी, 106 - सावित्री, 107 - प्रत्यक्षा, 108 - ब्रह्मवादिनी
Verse 14 अग्निज्वाला रौद्रमुखी कालरात्रिस्तपस्विनी।

नारायणी भद्रकाली विष्णुमाया जलोदरी ॥14॥
1 - ॐ सती, 2 - साध्वी, 3 - भवप्रीता (भगवान् शिवपर प्रीति रखनेवाली), 4 - भवानी, 5 - भवमोचनी (संसारबन्धन से मुक्त करनेवाली), 6 - आर्या, 7 - दुर्गा, 8 - जया, 9 - आद्या, 10 - त्रिनेत्रा, 11 - शूलधारिणी, 12 - पिनाकधारिणी, 13 - चित्रा, 14 - चण्डघण्टा (प्रचण्ड स्वरसे घण्टानाद करनेवाली), 15 - महातपाः (भारी तपस्या करनेवाली), 16 - मनः (मनन - शक्ति), 17 - बुद्धिः (बोधशक्ति), 18 - अहंकारा (अहंताका आश्रय), 19 - चित्तरूपा, 20 - चिता, 21 - चितिः (चेतना), 22 - सर्वमन्त्रमयी, 23 - सत्ता (सत्-स्वरूपा), 24 - सत्यानन्दस्वरूपिणी, 25 - अनन्ता (जिनके स्वरूपका कहीं अन्त नहीं), 26 - भाविनी (सबको उत्पन्न करनेवाली), 27 - भाव्या (भावना एवं ध्यान करने योग्य), 28 - भव्या (कल्याणरूपा), 29 - अभव्या (जिससे बढ़कर भव्य कहीं है नहीं), 30 - सदागति, 31 - शाम्भवी (शिवप्रिया), 32 - देवमाता, 33 - चिन्ता, 34 - रत्नप्रिया, 35 - सर्वविद्या, 36 - दक्षकन्या, 37 - दक्षयज्ञविनाशिनी, 38 - अपर्णा (तपस्याके समय पत्तेको भी न खानेवाली), 39 - अनेकवर्णा (अनेक रंगोंवाली), 40 - पाटला (लाल रंगवाली), 41 - पाटलावती (गुलाबके फूल या लाल फूल धारण करनेवाली), 42 - पट्टाम्बरपरीधाना (रेशमी वस्त्र पहननेवाली), 43 - कलमञ्जीररञ्जिनी (मधुर ध्वनि करनेवाले मञ्जीरको धारण करके प्रसन्न रहनेवाली), 44 - अमेयविक्रमा (असीम पराक्रमवाली), 45 - क्रूरा (दैत्योंके प्रति कठोर), 46 - सुन्दरी, 47 - सुरसुन्दरी, 48 - वनदुर्गा, 49 - मातङ्गी, 50 - मतङ्गमुनिपूजिता, 51 - ब्राह्मी, 52 - माहेश्वरी, 53 - ऐन्द्री, 54 - कौमारी, 55 - वैष्णवी, 56 - चामुण्डा, 57 - वाराही, 58 - लक्ष्मी, 59 - पुरुषाकृति, 60 - विमला, 61 - उत्कर्षिणी, 62 - ज्ञाना, 63 - क्रिया, 64 - नित्या, 65 - बुद्धिदा, 66 - बहुला, 67 - बहुलप्रेमा, 68 - सर्ववाहनवाहना, 69 - निशुम्भशुम्भहननी, 70 - महिषासुरमर्दिनी, 71 - मधुकैटभहन्त्री, 72 - चण्डमुण्डविनाशिनी, 73 - सर्वासुरविनाशा, 74 - सर्वदानवघातिनी, 75 - सर्वशास्त्रमयी, 77 - सत्या, 76 - सर्वास्त्रधारिणी, 79 - अनेकशस्त्रहस्ता, 78 - अनेकास्त्रधारिणी, 80 - कुमारी, 81 - एककन्या, 82 - कैशोरी, 83 - युवती, 84 - यति, 85 - अप्रौढा, 86 - प्रौढा, 87 - वृद्धमाता, 88 - बलप्रदा, 89 - महोदरी, 90 - मुक्तकेशी, 91 - घोररूपा, 92 - महाबला, 93 - अग्निज्वाला, 94 - रौद्रमुखी, 95 - कालरात्रि, 96 - तपस्विनी, 97 - नारायणी, 98 - भद्रकाली, 99 - विष्णुमाया, 100 - जलोदरी, 101 - शिवदूती, 102 - कराली, 103 - अनन्ता (विनाशरहिता), 104 - परमेश्वरी, 105 - कात्यायनी, 106 - सावित्री, 107 - प्रत्यक्षा, 108 - ब्रह्मवादिनी
Verse 15 शिवदूती कराली च अनन्ता परमेश्वरी।

कात्यायनी च सावित्री प्रत्यक्षा ब्रह्मवादिनी ॥15॥
1 - ॐ सती, 2 - साध्वी, 3 - भवप्रीता (भगवान् शिवपर प्रीति रखनेवाली), 4 - भवानी, 5 - भवमोचनी (संसारबन्धन से मुक्त करनेवाली), 6 - आर्या, 7 - दुर्गा, 8 - जया, 9 - आद्या, 10 - त्रिनेत्रा, 11 - शूलधारिणी, 12 - पिनाकधारिणी, 13 - चित्रा, 14 - चण्डघण्टा (प्रचण्ड स्वरसे घण्टानाद करनेवाली), 15 - महातपाः (भारी तपस्या करनेवाली), 16 - मनः (मनन - शक्ति), 17 - बुद्धिः (बोधशक्ति), 18 - अहंकारा (अहंताका आश्रय), 19 - चित्तरूपा, 20 - चिता, 21 - चितिः (चेतना), 22 - सर्वमन्त्रमयी, 23 - सत्ता (सत्-स्वरूपा), 24 - सत्यानन्दस्वरूपिणी, 25 - अनन्ता (जिनके स्वरूपका कहीं अन्त नहीं), 26 - भाविनी (सबको उत्पन्न करनेवाली), 27 - भाव्या (भावना एवं ध्यान करने योग्य), 28 - भव्या (कल्याणरूपा), 29 - अभव्या (जिससे बढ़कर भव्य कहीं है नहीं), 30 - सदागति, 31 - शाम्भवी (शिवप्रिया), 32 - देवमाता, 33 - चिन्ता, 34 - रत्नप्रिया, 35 - सर्वविद्या, 36 - दक्षकन्या, 37 - दक्षयज्ञविनाशिनी, 38 - अपर्णा (तपस्याके समय पत्तेको भी न खानेवाली), 39 - अनेकवर्णा (अनेक रंगोंवाली), 40 - पाटला (लाल रंगवाली), 41 - पाटलावती (गुलाबके फूल या लाल फूल धारण करनेवाली), 42 - पट्टाम्बरपरीधाना (रेशमी वस्त्र पहननेवाली), 43 - कलमञ्जीररञ्जिनी (मधुर ध्वनि करनेवाले मञ्जीरको धारण करके प्रसन्न रहनेवाली), 44 - अमेयविक्रमा (असीम पराक्रमवाली), 45 - क्रूरा (दैत्योंके प्रति कठोर), 46 - सुन्दरी, 47 - सुरसुन्दरी, 48 - वनदुर्गा, 49 - मातङ्गी, 50 - मतङ्गमुनिपूजिता, 51 - ब्राह्मी, 52 - माहेश्वरी, 53 - ऐन्द्री, 54 - कौमारी, 55 - वैष्णवी, 56 - चामुण्डा, 57 - वाराही, 58 - लक्ष्मी, 59 - पुरुषाकृति, 60 - विमला, 61 - उत्कर्षिणी, 62 - ज्ञाना, 63 - क्रिया, 64 - नित्या, 65 - बुद्धिदा, 66 - बहुला, 67 - बहुलप्रेमा, 68 - सर्ववाहनवाहना, 69 - निशुम्भशुम्भहननी, 70 - महिषासुरमर्दिनी, 71 - मधुकैटभहन्त्री, 72 - चण्डमुण्डविनाशिनी, 73 - सर्वासुरविनाशा, 74 - सर्वदानवघातिनी, 75 - सर्वशास्त्रमयी, 77 - सत्या, 76 - सर्वास्त्रधारिणी, 79 - अनेकशस्त्रहस्ता, 78 - अनेकास्त्रधारिणी, 80 - कुमारी, 81 - एककन्या, 82 - कैशोरी, 83 - युवती, 84 - यति, 85 - अप्रौढा, 86 - प्रौढा, 87 - वृद्धमाता, 88 - बलप्रदा, 89 - महोदरी, 90 - मुक्तकेशी, 91 - घोररूपा, 92 - महाबला, 93 - अग्निज्वाला, 94 - रौद्रमुखी, 95 - कालरात्रि, 96 - तपस्विनी, 97 - नारायणी, 98 - भद्रकाली, 99 - विष्णुमाया, 100 - जलोदरी, 101 - शिवदूती, 102 - कराली, 103 - अनन्ता (विनाशरहिता), 104 - परमेश्वरी, 105 - कात्यायनी, 106 - सावित्री, 107 - प्रत्यक्षा, 108 - ब्रह्मवादिनी
Verse 16 य इदं प्रपठेन्नित्यं दुर्गानामशताष्टकम्।

नासाध्यं विद्यते देवि त्रिषु लोकेषु पार्वति ॥16॥
देवी पार्वती! जो प्रतिदिन दुर्गाजीके इस अष्टोत्तरशतनामका पाठ करता है, उसके लिये तीनों लोकोंमें कुछ भी असाध्य नहीं है

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