ADVERTISEMENT
Invest Smart Ad

Right Ad Space

SHRI DURGA SAPTSHATI

षष्ठ अध्याय

SHASHTH ADHYAY (Page 3)

कांश्चित् करप्रहारेण दैत्यानास्येन चापरान्।

आक्रम्य* चाधरेणान्यान्* स जघान* महासुरान् ॥16॥

उसने कुछ दैत्योंको पंजोंकी मारसे, कितनोंको अपने जबड़ोंसे और कितने ही महादैत्योंको पटककर ओठकी दाढ़ोंसे घायल करके मार डाला ॥16॥
केषाञ्चित्पाटयामास नखैः कोष्ठानि केसरी*।

तथा तलप्रहारेण शिरांसि कृतवान् पृथक् ॥17॥

उस सिंहने अपने नखोंसे कितनोंके पेट फाड़ डाले और थप्पड़ मारकर कितनोंके सिर धड़से अलग कर दिये ॥17॥
विच्छिन्नबाहुशिरसः कृतास्तेन तथापरे।

पपौ च रुधिरं कोष्ठादन्येषां धुतकेसरः ॥18॥

कितनोंकी भुजाएँ और मस्तक काट डाले तथा अपनी गर्दनके बाल हिलाते हुए उसने दूसरे दैत्योंके पेट फाड़कर उनका रक्त चूस लिया ॥18॥
क्षणेन तद्बलं सर्वं क्षयं नीतं महात्मना।

तेन केसरिणा देव्या वाहनेनातिकोपिना ॥19॥

अत्यन्त क्रोधमें भरे हुए देवीके वाहन उस महाबली सिंहने क्षणभरमें ही असुरोंकी सारी सेनाका संहार कर डाला ॥19॥
श्रुत्वा तमसुरं देव्या निहतं धूम्रलोचनम्।

बलं च क्षयितं कृत्स्नं देवीकेसरिणा ततः ॥20॥

शुम्भने जब सुना कि देवीने धूम्रलोचन असुरको मार डाला तथा उसके सिंहने सारी सेनाका सफाया कर डाला, तब उस दैत्यराजको बड़ा क्रोध हुआ। उसका ओठ काँपने लगा। उसने चण्ड और मुण्ड नामक दो महादैत्योंको आज्ञा दी - ॥20-21॥
चुकोप दैत्याधिपतिः शुम्भः प्रस्फुरिताधरः।

आज्ञापयामास च तौ चण्डमुण्डौ महासुरौ ॥21॥

शुम्भने जब सुना कि देवीने धूम्रलोचन असुरको मार डाला तथा उसके सिंहने सारी सेनाका सफाया कर डाला, तब उस दैत्यराजको बड़ा क्रोध हुआ। उसका ओठ काँपने लगा। उसने चण्ड और मुण्ड नामक दो महादैत्योंको आज्ञा दी - ॥20-21॥
हे चण्ड हे मुण्ड बलैर्बहुभिः* परिवारितौ।

तत्र गच्छत गत्वा च सा समानीयतां लघु ॥22॥

'हे चण्ड! और हे मुण्ड! तुमलोग बहुत बड़ी सेना लेकर वहाँ जाओ, उस देवीके झोंटे पकड़कर अथवा उसे बाँधकर शीघ्र यहाँ ले आओ। यदि इस प्रकार उसको लानेमें संदेह हो तो युद्धमें सब प्रकारके अस्त्र-शस्त्रों तथा समस्त आसुरी सेनाका प्रयोग करके उसकी हत्या कर डालना ॥22-23॥
केशेष्वाकृष्य बद्ध्वा वा यदि वः संशयो युधि।

तदाशेषायुधैः सर्वैरसुरैर्विनिहन्यताम् ॥23॥

'हे चण्ड! और हे मुण्ड! तुमलोग बहुत बड़ी सेना लेकर वहाँ जाओ, उस देवीके झोंटे पकड़कर अथवा उसे बाँधकर शीघ्र यहाँ ले आओ। यदि इस प्रकार उसको लानेमें संदेह हो तो युद्धमें सब प्रकारके अस्त्र-शस्त्रों तथा समस्त आसुरी सेनाका प्रयोग करके उसकी हत्या कर डालना ॥22-23॥

© 2026 Durga Saptshati Pallabhav Technosoft. All Rights Reserved.